Learn particular story on the Birthday of Sanjay Dutt | Birthday Particular: संजय दत्त को किस बात का है सबसे ज्यादा डर?


नई दिल्ली: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता संजय दत्त (Sanjay Dutt) की मां नर्गिस को जब कैंसर हुआ, तब वो टीनएज से निकले ही थे. उस समय तक उन्हें लगता कि उनके ऊपर चाहे जितनी मुसीबत आ जाए, मां सब संभाल लेंगी. मां के जाने के बाद उनको वैसा ही सहारा अपनी गर्लफ्रेंड रिचा शर्मा में मिला. हालांकि सुनील दत्त और परिवार के दूसरे सदस्य रिचा से उनकी शादी के पक्ष में नहीं थे. पर संजय दत्त ने कहा था, रिचा मुझे वहीं अहसास दिलाती हैं, जैसा मां दिलाती थीं.

अपनों से बिछड़ने का डर
जब रिचा को कैंसर हुआ, तो संजय दत्त बुरी तरह टूट गए. इसलिए संजय को सबसे बड़ा डर परिवार से दूर जाने का है. हाल में लॉकडाउन के टाइम पर जब उनकी पत्नी मान्यता और बच्चे शाहरान और इकरा दुबई में अटक गए थे, तो संजय दत्त ने एक इंटरव्यू में कहा था, ‘मुझे सबसे ज्यादा डर अपनों से बिछड़ने का लगता है. मुझे हमेशा आसपास मेरी बहनें, उनके पति, मेरी पत्नी चाहिए. मैं अकेले नहीं रह सकता. मुझे आसपास परिवार चाहिए. मैंने एक लंबी जिंदगी अकेले गुजारी है, पर तब पापा और बहनें साथ थी. अब मान्यता और बच्चों के बिना मैं अपनी जिंदगी की सोच भी नहीं सकता.’

किस बात से अब लगता है डर
जुलाई 1986 को फिल्म पत्रिका फिल्म फेयर को दिए एक इंटरव्यू में संजय दत्त ने कहा था, ‘मैं अमेरिका के रिहेब सेंटर से भाग कर मुंबई आया था. मैंने ड्रग लेना छोड़ दिया था, पर मुंबई में सब मुझे चरसी कहते थे. एक दिन मैं सीरॉक होटल गया, वहां कुछ फिल्म स्टार्स थे. सब मुझे देख कर दूर हट जाते थे. मैंने किसी को कहते सुना कि देखो चरसी आ गया है फिल्मों में काम करने. मुझे बहुत धक्का लगा. पहली बार लगा कि ड्रग्स की वजह से मैंने कितना कुछ खो दिया है. मुझे हमेशा इस बात का डर बना रहने लगा कि मैं फिर से कहीं ड्रग्स लेने न लग जाऊं.’

फिल्में न मिलने का डर
इसके बाद लंबे समय तक उनके पास कोई काम नहीं था. संजय दत्त को लगने लगा कि उनका करियर खत्म हो गया है. ऐसा उनके करियर में बहुत बार हुआ है. संजय दत्त ने नब्बे के दौर में लंबा पीरिएड बिना काम के गुजारा. आज वो मानते हैं कि उनके लिए काम करना बहुत जरूरी है. काम ही उनका नशा है और इसके बिना वो खत्म हो जाएंगे.

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